भारत ने 2026–27 के लिए 373.93 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य रखा है। इसमें रबी मौसम का लक्ष्य 177.72 मिलियन टन है। इंडियन एक्सप्रेस और द ट्रिब्यून की उसी दिन की रिपोर्टों के अनुसार, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 29 सितंबर को नई दिल्ली में प्रेस वार्ता के दौरान ये आंकड़े बताए।

पिछले वर्ष से तुलना करते समय लक्ष्य और उत्पादन का फर्क जरूरी है। इकोनॉमिक टाइम्स ने 30 सितंबर को बताया कि मंत्री ने 2025–26 में 362.60 मिलियन टन के लक्ष्य के मुकाबले 376.56 मिलियन टन अनुमानित उत्पादन का उल्लेख किया। नया लक्ष्य उस उत्पादन अनुमान से 2.63 मिलियन टन कम, लेकिन पिछले लक्ष्य से 11.33 मिलियन टन अधिक है। इन आंकड़ों से 2026–27 के लिए पहले घोषित किसी लक्ष्य में कटौती साबित नहीं होती।

चौहान ने कहा कि नई योजना में अल नीनो, पानी की उपलब्धता, मिट्टी की नमी और राज्यों से बातचीत को ध्यान में रखा गया है। सरकार कम पानी वाले क्षेत्रों में दलहन और तिलहन जैसी फसलों को बढ़ावा देना चाहती है। रबी सम्मेलन की शुरुआत पर कृषि मंत्रालय के 28 सितंबर के बयान में भी फसल योजना तय करने से पहले स्थानीय सिंचाई संसाधनों का आकलन करने को कहा गया था।

द ट्रिब्यून के अनुसार, चौहान ने पर्याप्त उर्वरक आपूर्ति का आश्वासन देते हुए शुरुआती भंडार 16.3 मिलियन टन से अधिक और अनुमानित मौसमी जरूरत लगभग 38 मिलियन टन बताई। शुरुआती भंडार और पूरे मौसम की जरूरत अलग माप हैं। इसी तरह खाद्यान्न की घोषणा आगामी फसल के लिए लक्ष्य है, भविष्य के वास्तविक उत्पादन का आंकड़ा नहीं।