आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 30 सितंबर को छह रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने की मंजूरी दी। 2027–28 के विपणन सीजन के लिए गेहूं का मूल्य ₹2,610 प्रति क्विंटल तय किया गया है। ₹25 की यह वृद्धि पिछली दर से लगभग 0.97 प्रतिशत अधिक है। मंत्रिमंडल की आधिकारिक विज्ञप्ति और 30 सितंबर की एएनआई रिपोर्ट इस निर्णय की पुष्टि करती हैं।

नई दरों के अनुसार जौ का समर्थन मूल्य ₹2,286, चने का ₹5,958, मसूर का ₹7,390, रेपसीड और सरसों का ₹6,613 तथा कुसुम का ₹7,215 प्रति क्विंटल होगा। इनमें क्रमशः ₹136, ₹83, ₹390, ₹413 और ₹675 की बढ़ोतरी हुई है। इस तरह छह फसलों में रुपये के हिसाब से सबसे बड़ी वृद्धि कुसुम के लिए हुई है।

गेहूं में बढ़ोतरी पिछले सीजन के ₹160 से कम है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की प्रकाशित मूल्य श्रृंखला में 2025–26 के लिए गेहूं की दर ₹2,425 और 2026–27 के लिए ₹2,585 दर्ज है। ये विपणन सीजन के समर्थन मूल्य हैं। नए 2027–28 के फैसले को चालू सीजन की खरीद दर नहीं समझना चाहिए।

सरकार के अनुसार, गणना में समर्थन मूल्य अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत का कम से कम डेढ़ गुना रखा गया है। इस लागत में भुगतान किए गए खर्च और पारिवारिक श्रम का अनुमानित मूल्य शामिल है। एएनआई ने बताया कि अनाज, दलहन और तिलहन की खरीद व्यवस्थाएं अलग-अलग हैं। समर्थन मूल्य की घोषणा मात्र से यह तय नहीं होता कि कितनी उपज खरीदी जाएगी या हर किसान को कितनी आय मिलेगी।