कोच्चि की पालारिवट्टम पुलिस ने कथित यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेल की जांच में चार अक्टूबर को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। द टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार उसे रविवार सुबह तानूर से पकड़ा गया। केरल कौमुदी और दीपिका ने भी उसी शाम गिरफ्तारी की खबर दी। नया घटनाक्रम पुलिस की कार्रवाई है; इसका अर्थ यह नहीं कि कथित यौन उत्पीड़न उसी दिन हुआ था।
केरल कौमुदी में प्रकाशित पुलिस के विवरण के अनुसार आरोपी की शिकायतकर्ता से सोशल मीडिया पर पहचान हुई थी। आरोप है कि उसने उनका यौन उत्पीड़न किया और निजी तस्वीरें रिकॉर्ड कीं। शिकायत में कहा गया है कि उसने यह सामग्री फैलाने की धमकी देकर 1.18 लाख रुपये हासिल किए। इन आरोपों की जांच चल रही है। इस रिपोर्ट के लिए भुगतान रिकॉर्ड या कथित रिकॉर्डिंग की स्वतंत्र जांच नहीं की गई।
द टाइम्स ऑफ इंडिया की चार अक्टूबर की खबर के अनुसार आरोपी को एर्नाकुलम के न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। देशाभिमानी ने भी अदालत की रिमांड की खबर दी। इस चरण पर हिरासत का आदेश दोषसिद्धि नहीं है और इससे कथित अपराधों का होना स्थापित नहीं होता।
दीपिका के अनुसार पुलिस ने जब्त फोन में अन्य महिलाओं से संबंधित निजी सामग्री मिलने का भी दावा किया। देशाभिमानी ने बताया कि जांचकर्ताओं को इसी तरह के दूसरे ब्लैकमेल का संदेह है, लेकिन उस समय तक केवल एक शिकायत मिली थी। पुलिस के बताए अनुसार फोन में सामग्री मिलना अपने आप अतिरिक्त अपराधों या अन्य शिकायतकर्ताओं की प्रमाणित संख्या स्थापित नहीं करता।
समीक्षा किए गए समाचारों में कहा गया है कि आरोपी बाल संरक्षण से जुड़े एक अलग मामले में जमानत पर था। यह बताई गई कानूनी स्थिति वर्तमान आरोपों से अलग है और यहां दोष का प्रमाण नहीं है। समीक्षा की गई सामग्री में आरोपी या उसके वकील की प्रतिक्रिया, मूल प्राथमिकी, लगाई गई सटीक कानूनी धाराएं या हस्ताक्षरित रिमांड आदेश उपलब्ध नहीं था। शिकायतकर्ता की पहचान से जुड़े विवरण प्रकाशित नहीं किए जा रहे हैं।
