सेना की चिनार कोर ने 30 सितंबर को बताया कि बडगाम के पालमैदान क्षेत्र में सुबह की तलाशी के दौरान मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा का शव मिला। बयान में उसे पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा बताया गया। पहचान और संगठन से संबंध का यह विवरण सेना का है; इसकी यहां स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
यह बरामदगी 29 सितंबर को यूसमर्ग के पास कोराग में सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त अभियान के बाद हुई। चिनार कोर के पहले बयान के अनुसार, खुफिया सूचना पर तलाशी शुरू की गई और चुनौती दिए जाने पर संदिग्धों ने गोलीबारी की। सेना ने जवाबी मुठभेड़ में एक व्यक्ति के मारे जाने की सूचना दी।
एनडीटीवी की 30 सितंबर की खबर में भी संयुक्त अभियान की घोषणा की पुष्टि हुई। उसकी शुरुआती रिपोर्ट में अलग नाम इस्तेमाल हुआ था। यह रिपोर्ट सेना की बाद की पहचान पर आधारित है और शुरुआती खबरों में आए सभी नामों को एक ही व्यक्ति के स्थापित उपनाम नहीं मानती।
सेना के 30 सितंबर के अपडेट में सैन्य उपयोग से संबंधित सामग्री मिलने की भी बात है, लेकिन समीक्षा किए गए बयान में वस्तुवार सूची नहीं थी। सेना ने अभियान जारी होने की जानकारी दी। सत्यापित किए गए दोनों सैन्य बयानों में पहलगाम या रियासी हमलों में शामिल होने का विशिष्ट आरोप नहीं है, इसलिए ऐसे दावे यहां शामिल नहीं किए गए हैं।
