दूरसंचार नियामक ट्राई ने कंपनियों को ऐसे प्रीपेड रिचार्ज विकल्प आसानी से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, जिन्हें पेश करना नियमों के तहत अनिवार्य है। एक अक्टूबर के आदेश के अनुसार वेबसाइट और मोबाइल ऐप के प्रीपेड रिचार्ज हिस्से में ‘TRAI-Mandated Packs’ नाम की स्पष्ट श्रेणी सबसे पहले दिखाई देनी चाहिए। कंपनियों के अपने बिक्री केंद्रों पर भी इन वाउचरों को प्रमुखता से दिखाना होगा।

ट्राई के अनुसार उपभोक्ताओं ने शिकायत की थी कि जरूरी विकल्प खोजने में परेशानी होती है। नियामक की जांच में भी कुछ पैक अलग-अलग श्रेणियों में बंटे मिले या उन्हें ढूंढ़ने के लिए कई पन्नों और स्क्रीन से गुजरना पड़ रहा था। इकोनॉमिक टाइम्स और पीटीआई ने एक अक्टूबर को इस आदेश की जानकारी दी। कंपनियों को आदेश जारी होने के 30 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट देनी है।

नई व्यवस्था पहले से अनिवार्य विकल्पों को सामने लाती है। इनमें 30 दिनों की वैधता वाला कम-से-कम एक प्लान वाउचर, एक स्पेशल टैरिफ वाउचर और एक कॉम्बो वाउचर शामिल है। हर महीने उसी तारीख को नवीनीकरण वाले विकल्प भी जरूरी हैं। आदेश में केवल कॉल और एसएमएस वाले वाउचरों के नियमों का भी उल्लेख है, जिनमें तय छोटी अवधियों और कम-से-कम एक लंबी अवधि का विकल्प शामिल है।

यह निर्देश पैक दिखाने और उन तक पहुंच आसान बनाने से जुड़ा है। इससे पूरे देश के लिए एक समान रिचार्ज कीमत तय नहीं हुई है। अभी यह भी प्रमाणित नहीं है कि हर कंपनी ने अपना ऐप बदल दिया है। ग्राहक को चुने गए वाउचर की कीमत, वैधता और सुविधाएं फिर भी जांचनी होंगी।