पंजाब पुलिस ने 30 सितंबर को बताया कि अमृतसर में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध हथियारों की आपूर्ति से जुड़े तीन संदिग्ध नेटवर्क की जांच में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने अपने सार्वजनिक बयान में 13 पिस्तौल, 3.267 किलोग्राम हेरोइन और 22 जिंदा कारतूस बरामद होने की जानकारी दी।

डीजीपी के अनुसार, डी-डिवीजन और छेहरटा थानों में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि बरामद सामग्री कहां से आई और उसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। विदेश में मौजूद संभावित संचालकों समेत अन्य लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है। ये संपर्क फिलहाल पुलिस के आरोप और जांच का विषय हैं।

आईएएनएस की 30 सितंबर की रिपोर्ट में भी घोषित गिरफ्तारियों और बरामदगी के यही आंकड़े दिए गए। उसी सुबह आकाशवाणी की खबर ने पांच लोगों वाले मामले को ताजा कार्रवाई बताया। यह अमृतसर ग्रामीण पुलिस की पहले हुई उस अलग कार्रवाई से अलग है, जिसमें तीन गिरफ्तारियां और दूसरी बरामदगी हुई थी। दोनों जांचों के आंकड़ों को एक ही मामले का नतीजा नहीं माना जाना चाहिए।

पुलिस के सीधे बयान में गिरफ्तार पांच लोगों के नाम, हर गिरफ्तारी का समय या किसी खास विदेशी संचालक की पहचान नहीं दी गई। जांचे गए स्रोतों में आरोपियों की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी। 30 सितंबर का नया घटनाक्रम गिरफ्तारियों और जारी जांच का सार्वजनिक ब्योरा है। इससे संदिग्धों का दोषी साबित होना या हर कथित अंतरराष्ट्रीय संबंध की पुष्टि स्थापित नहीं होती।