पंजाब पुलिस ने राजपुरा स्थित चितकारा विश्वविद्यालय के हंगामे में 2 अक्टूबर को दो पूर्व छात्रों को गिरफ्तार किया। द इंडियन एक्सप्रेस ने पटियाला के पुलिस प्रमुख हरमनदीप सिंह हंस के हवाले से खबर दी। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने भी गिरफ्तारियों की पुष्टि की।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि दोनों ने सोशल मीडिया समूहों में भ्रामक संदेश फैलाकर छात्रों को उकसाया। हंगामा 25–26 सितंबर को हुआ था और प्राथमिकी 29 सितंबर को दर्ज हुई। ये पुरानी घटनाएं शुक्रवार की गिरफ्तारियों की पृष्ठभूमि हैं।
पुलिस के अनुसार, मामले में दो पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाने और एक पुलिसकर्मी पर हमला करने के आरोप शामिल हैं। दर्ज धाराओं में हत्या का प्रयास, गैरकानूनी जमावड़ा और सरकारी काम में बाधा डालना शामिल है। प्राथमिकी में नामजद दस अन्य लोगों की तलाश के लिए टीमें भेजी गई हैं।
देखी गई खबरों में छात्रों के लापता होने के दावों की पुष्टि नहीं थी। गिरफ्तारियों से हिंसा की जिम्मेदारी सिद्ध नहीं होती। 2 अक्टूबर की रिपोर्टों में गिरफ्तार लोगों का जवाब या उनकी कथित भूमिका पर अदालत का निष्कर्ष शामिल नहीं था।
