आगरा की एक अदालत ने तीन अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पारिवारिक आवास पर कथित तौर पर नारे लिखने के मामले में छह कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जमानत दी। टाइम्स ऑफ इंडिया और आईबीसी24 पर प्रकाशित पीटीआई-भाषा की रिपोर्ट ने उसी शाम यह जानकारी दी।
बचाव पक्ष के वकील संतोष दीक्षित के मुताबिक, प्रत्येक कार्यकर्ता ने 20 हजार रुपये के जमानती मुचलके भरे। उन्होंने कहा कि अदालत के साक्ष्य मांगने के बाद पुलिस हत्या के प्रयास का आरोप लगाने का पर्याप्त आधार पेश नहीं कर सकी।
टाइम्स ऑफ इंडिया ने दीक्षित के हवाले से बताया कि संबंधित धारा हटा दी गई। मामला 28 सितंबर के प्रदर्शन से जुड़ा है और छह लोगों को अगले दिन गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने दंगा और लोक सेवक पर हमले समेत अन्य आरोप भी लगाए थे।
जमानत मिलने से बाकी आरोपों का निपटारा नहीं होता। समीक्षा की गई सामग्री में लिखित आदेश उपलब्ध नहीं था। विवादित धारा हटने का विवरण बचाव पक्ष के कथन पर आधारित है।
