प्रवर्तन निदेशालय ने करीब 645 करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन के कथित शोधन की जांच में 29 सितंबर को चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला के 14 परिसरों की तलाशी ली। द ट्रिब्यून में प्रकाशित पीटीआई की खबर और पंजाब न्यूज़लाइन की उसी दिन की रिपोर्ट में आभूषण कारोबार से जुड़े परिसरों पर कार्रवाई की जानकारी दी गई।

ईडी अधिकारियों का आरोप है कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में सरकारी संस्थाओं से जुड़े खातों से कथित रूप से निकाला गया धन आभूषण कारोबारियों के खातों से गुजारकर सामान्य व्यावसायिक भुगतान के तौर पर दिखाया गया। तलाशी इस आरोप की जांच का हिस्सा है; इससे अपराध साबित नहीं होता।

द स्टेट्समैन की 28 सितंबर की अलग पृष्ठभूमि रिपोर्ट के अनुसार, बैंक ने खुद को पीड़ित बताया, प्रभावित सरकारी संस्थाओं को भुगतान किया और जांच में सहयोग करने की बात कही। यह व्यापक मामले पर बैंक का पक्ष है, 29 सितंबर की तलाशी पर नई प्रतिक्रिया नहीं।

समीक्षा की गई खबरों में तलाशी वाले कारोबारियों की प्रतिक्रिया नहीं थी और इस कार्रवाई से हुई किसी नई गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई। पहले की गिरफ्तारियां और आरोपपत्र जांच के अलग चरण हैं, दोषसिद्धि नहीं। कथित लेन-देन की जिम्मेदारी का निर्धारण अदालती प्रक्रिया में होना बाकी है।