पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 30 सितंबर को फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा की जांच पर पंजाब सरकार से स्थिति रिपोर्ट मांगी। सुनवाई की रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने पूछा कि ऑनलाइन प्रसारित यौन हिंसा के आरोप की पुष्टि हुई है या नहीं और तथ्य पता लगाने के लिए पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं। अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी।
एक विश्वविद्यालय छात्र ने जनहित याचिका में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराने की मांग की है। पंजाब के वकील ने अदालत को बताया कि पुलिस आरोप और सोशल मीडिया पोस्ट के स्रोत, दोनों की जांच कर रही है। अदालत ने परिसर की हिंसा पर की गई कार्रवाई और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों का ब्योरा भी मांगा। उसने अभी जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश नहीं दिया है।
परिसर में अशांति के बाद कक्षाएं निलंबित की गई थीं और परीक्षाएं टाल दी गई थीं, जिसकी खबर पहले दी जा चुकी है। विश्वविद्यालय ने यौन हिंसा के आरोप से इनकार किया है और आरोप की पुष्टि अभी नहीं हुई है। 30 सितंबर की सुनवाई में राज्य को जांच की प्रगति बताने के लिए कहा गया है; इससे यह तय नहीं हुआ कि कथित यौन हिंसा हुई थी या नहीं। अदालत का मूल आदेश स्वतंत्र समीक्षा के लिए उपलब्ध नहीं था।
