हरियाणा ने दो अक्टूबर को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में तीन महीने का उद्यमिता कार्यक्रम शुरू किया। इसमें जिला प्रतियोगिताएं, मार्गदर्शन और स्थापित स्टार्टअप तथा नया विचार विकसित करने वालों के लिए अलग व्यवस्था होगी। राज्य की आधिकारिक विज्ञप्ति और एएनआई की दो अक्टूबर की खबर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा इसके शुभारंभ की पुष्टि करती हैं।

स्टार्टअप हरियाणा सेवा संकल्प का लक्ष्य 23 जिलों के तीन लाख से अधिक भावी उद्यमियों और स्टार्टअप तक पहुंचना है। आयोजक अंतिम चरण के लिए 50 प्रतिभागियों को चुनने और दस विजेताओं को सम्मानित करने की योजना रखते हैं। ये प्रस्तावित लक्ष्य हैं, प्रशिक्षण या वित्तीय सहायता पा चुके लोगों की संख्या नहीं।

सरकार के अनुसार, अंतिम चरण के एक वर्ग में निवेश तलाश रहे पंजीकृत और विकास के दौर वाले स्टार्टअप होंगे। दूसरे में अनुदान चाहने वाले विद्यार्थी, भावी उद्यमी और स्थानीय नवप्रवर्तक होंगे। मिरर नाउ की तीन अक्टूबर की खबर के मुताबिक, वर्ग और स्थान के आधार पर एक लाख से पंद्रह लाख रुपये तक के पुरस्कार प्रस्तावित हैं।

अधिकारियों ने दो नए इनक्यूबेटर के लिए आशय पत्र, जोहो तथा पेटीएम पेमेंट्स के साथ साझेदारी और मौजूदा 2022 नीति के तहत ग्यारह स्टार्टअप को शुरुआती वित्तीय सहायता के चेक दिए जाने की जानकारी भी दी। ये चेक आगामी प्रतियोगिता के पुरस्कारों से अलग हैं। नई पहल से रोजगार और कारोबार के टिकाऊपन पर क्या असर पड़ेगा, यह अभी सामने नहीं आया है।