भारतीय अंपायर मैनेजर गुरिंदर सिंह संघा पर यौन दुर्व्यवहार के आरोपों के मामले में हॉकी इंडिया, एशियाई हॉकी महासंघ की रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई पर विचार करेगा। पीटीआई की दो अक्टूबर की रिपोर्ट में हॉकी इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह बात कही। अधिकारी के मुताबिक, संघा को एशियाई खेलों से दो दिन पहले, यानी 30 सितंबर को स्वदेश भेजा गया था। नई खबर संस्था का सार्वजनिक पक्ष है, न कि उन्हें वापस भेजने का कोई नया आदेश।

इंडियन एक्सप्रेस और टाइम्स ऑफ इंडिया की स्वतंत्र रिपोर्टों के अनुसार, एक महिला अधिकारी ने बिना सहमति शारीरिक संपर्क की शिकायत की है। होटल की एक महिला कर्मचारी से कथित दुर्व्यवहार का अलग आरोप भी है। किसी सार्वजनिक जांच निष्कर्ष से ये आरोप साबित नहीं हुए हैं। शिकायतकर्ताओं की पहचान उजागर नहीं की जा रही है।

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में संघा ने गलत आचरण से इनकार किया। अखबार के तीन अक्टूबर के अपडेट के अनुसार, उन्होंने कहा कि वे पारिवारिक कारणों से जल्दी लौटे थे। उनका पक्ष हॉकी इंडिया के अधिकारी के बताए घटनाक्रम से अलग है।

एशियाई खेलों में हॉकी अधिकारियों की नियुक्ति एशियाई हॉकी महासंघ करता है। महासंघ ने पीटीआई से टिप्पणी करने से इनकार किया और एक्सप्रेस के सवाल का जवाब नहीं दिया। हॉकी इंडिया की कार्रवाई उसकी रिपोर्ट पर निर्भर है। उपलब्ध रिपोर्टों से किसी नई अनुशासनात्मक सजा की पुष्टि नहीं होती।