लवलीना बोरगोहेन ने 2 अक्टूबर को आइची-नागोया एशियाई खेलों में महिला 75 किलोग्राम मुक्केबाजी का स्वर्ण जीता। एशियन बॉक्सिंग परिसंघ की आधिकारिक रिपोर्ट चीन की बाओ जियी पर उनकी 5–0 की सर्वसम्मत जीत की पुष्टि करती है। निशियो से पीटीआई की स्वतंत्र रिपोर्ट भी परिणाम बताती है। यह उनका पहला एशियाई खेल खिताब है।

पीटीआई के अनुसार, अपने जन्मदिन पर मिली इस जीत से लवलीना एशियाई खेलों में मुक्केबाजी का स्वर्ण जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बनीं। उनसे पहले मैरी कॉम ने 2014 के इंचियोन खेलों में 51 किलोग्राम का खिताब जीता था। पिछले एशियाई खेलों के फाइनल में लवलीना चीन की ली कियान से हारी थीं और उन्हें रजत मिला था।

एशियन बॉक्सिंग की 30 सितंबर की रिपोर्ट में उनका फाइनल तक का सफर दर्ज है। उन्होंने सेमीफाइनल में कजाखस्तान की नताल्या बोगदानोवा को 3–2 से हराया था। दूसरे सेमीफाइनल में बाओ ने वियतनाम की लियू दीएम क्विन्ह पर 5–0 से जीत दर्ज की थी। शुक्रवार के परिणाम से लवलीना का पहले से पक्का पदक अब स्वर्ण हो गया है।

परिसंघ की 2 अक्टूबर की रिपोर्ट शुरुआती फाइनल मुकाबलों की है। उस रिपोर्ट के समय अन्य खिताबी मुकाबले बाकी थे, इसलिए दिन की मुक्केबाजी प्रतियोगिता अभी पूरी नहीं हुई थी।