सुप्रीम कोर्ट ने 30 सितंबर को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति से जुड़ी अवमानना याचिकाओं की सुनवाई 15 अक्टूबर तय की। नियुक्तियों से संबंधित कानून को चुनौती भी साथ सुनी जाएगी। न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने मामला सुना।

याचिकाएं सुनवाई से पहले दूसरी पीठ की 29 सितंबर की सूची से हटा दी गई थीं। रजिस्ट्री ने कहा कि प्रधान न्यायाधीश ने मामले विशेष पीठ के सामने लगाने का निर्देश दिया था। न्यायाधीशों ने पूछा कि मूल पीठ और दूसरे पक्षों को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई।

सरकारी वकीलों ने सूचना देने में चूक पर माफी मांगी। केंद्र की दलील थी कि अवमानना के आरोपों पर उसका जवाब उसी कानून पर निर्भर है, जिसे चुनौती दी गई है। एक याचिकाकर्ता के वकील ने मामलों को साथ सुनने की जरूरत से असहमति जताई।