खाद्य मंत्रालय ने एक अक्टूबर को बताया कि 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक चीनी व्यापारी अधिकतम 1,000 क्विंटल भंडार रख सकेंगे और भंडारण अवधि 15 दिन होगी। कोलकाता व उसके विस्तृत महानगरीय क्षेत्र तथा असम के लिए सीमा 2,000 क्विंटल होगी। ये पाबंदियां आगे की तारीख से लागू करने की घोषणा है।
यह बदलाव सितंबर की व्यवस्था को और सख्त करता है। मंत्रालय की एक सितंबर की विज्ञप्ति में 15 सितंबर से 2,000 क्विंटल की सीमा तय की गई थी। कोलकाता के विस्तृत महानगरीय क्षेत्र के लिए 4,000 क्विंटल और माल मिलने के बाद अधिकतम 30 दिन रखने की अनुमति बरकरार थी। उस समय इकोनॉमिक टाइम्स ने भी पिछली कटौती की खबर दी थी।
व्यापारियों के नए नियम को किसी परिवार के चीनी खरीदने की सीमा नहीं समझना चाहिए। भविष्य की इन पाबंदियों की घोषणा यह भी साबित नहीं करती कि इनके कारण खुदरा कीमतें पहले ही घट गई हैं। यह रिपोर्ट मंत्रालय द्वारा घोषित उपाय बताती है; उसका क्रियान्वयन और असर आगे देखा जाना है।
