ऑनलाइन फैल रहा एक दस्तावेज सरकारी बैंकों के लिए नई साप्ताहिक छुट्टी का प्रमाण नहीं है। एक अक्टूबर को पत्र सूचना कार्यालय की फैक्ट चेक इकाई ने हर शनिवार अवकाश घोषित करने वाले कथित राजपत्र को फर्जी बताया। इकाई के अनुसार वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं की है।
आकाशवाणी और फ्री प्रेस जर्नल ने इस स्पष्टीकरण की खबर दी। वायरल दावे में भारतीय स्टेट बैंक भी शामिल है। इससे शाखा जाने की योजना बना रहे ग्राहक भ्रमित हो सकते हैं। देशभर में नियम बदलने का प्रमाण मानने के बजाय ग्राहकों को अपने बैंक की आधिकारिक अवकाश सूचना देखनी चाहिए।
यह सुधार एक विशिष्ट गलत नोटिस के बारे में है। इससे नया कार्यसप्ताह घोषित नहीं होता। बैंक संगठनों और नियोक्ताओं की बातचीत तथा हाल में स्थगित हड़ताल अलग विषय हैं; उनसे वायरल दस्तावेज सही साबित नहीं होता। पीआईबी ने सरकारी दावों को आगे भेजने से पहले आधिकारिक माध्यमों से जांचने की सलाह दी है।
