राजस्थान के निवासी नासिर और जुनैद 15 फरवरी 2023 को लापता हुए। अगले दिन हरियाणा के भिवानी जिले में उनके जले हुए शव मिले। पुलिस का आरोप था कि गौरक्षकों ने उनका अपहरण कर मारपीट की; मोनू मानेसर पर साजिश में शामिल होने का आरोप लगा।

घटना या नीति का संदर्भ। यह मूल तथ्यात्मक ग्राफिक है; श्रेय और पूरा विवरण रिपोर्ट में है।
घटना या नीति का संदर्भ। यह मूल तथ्यात्मक ग्राफिक है; श्रेय और पूरा विवरण रिपोर्ट में है।

5 मार्च 2026 को राजस्थान हाई कोर्ट ने मानेसर को सशर्त जमानत दी। अदालत ने लंबी हिरासत, एक सह-आरोपी को मिल चुकी जमानत और उस समय तक अभियोजन के सूचीबद्ध 74 गवाहों में से किसी की गवाही नहीं होने पर विचार किया। उनके वकीलों ने गलत फंसाने का आरोप लगाया; अभियोजक और शिकायतकर्ता के वकील ने रिहाई का विरोध किया।

दर्ज कानूनी पड़ाव। यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड वर्तमान अंतिम स्थिति तय नहीं करता।
दर्ज कानूनी पड़ाव। यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड वर्तमान अंतिम स्थिति तय नहीं करता।

अदालत ने सुनवाई में उपस्थित होने और समय-समय पर थाने में हाजिरी की शर्त रखी तथा अपनी टिप्पणियां केवल जमानत तक सीमित बताईं। नासिर के एक रिश्तेदार ने रिहाई के बाद परिवारों पर दबाव पड़ने की आशंका जताई। यह आशंका परिवार का कथन है; जमानत का फैसला न मानेसर को बरी करता है, न अभियोजन के आरोप साबित करता है।