केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दो अक्टूबर को बताया कि लद्दाख के 28 स्थानों और भौगोलिक संरचनाओं को भारतीय सर्वेक्षण विभाग के आधिकारिक नक्शे में मानक नामों के साथ चिन्हित किया गया है। यह काम केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन से परामर्श के बाद किया गया। मंत्रालय के अनुसार उद्देश्य इन जगहों की सटीक पहचान आसान बनाना और लोगों के बीच जानकारी बढ़ाना है।
सूची केवल बस्तियों की नहीं है। इसमें चोटियां, पर्वत, दर्रे, हिमनद और एक घाटी शामिल हैं। इसके अलावा भू-भाग, नदी, झील और जल निकाय भी दर्ज हैं। उदाहरण के तौर पर ज़ोरावर पीक, चापचिंगल दर्रा, स्कामरी हिमनद, गुरु रिनपोछे झील और यांगपा नदी को जगह मिली है। मंत्रालय ने अद्यतन लद्दाख मानचित्र के लिए भारतीय सर्वेक्षण विभाग के राज्य-मानचित्र पन्ने का संदर्भ दिया है।
गोगरा को सूची में भू-भाग और हॉट स्प्रिंग को जल निकाय के रूप में दर्ज किया गया है। मनीकंट्रोल ने बताया कि ये क्षेत्र 2020 में शुरू हुए भारत-चीन सैन्य गतिरोध से भी जुड़े रहे हैं। एएनआई ने भी सूची और सटीक पहचान संबंधी मंत्रालय के उद्देश्य की जानकारी दी। इन जगहों की पुरानी सीमा-संबंधी पृष्ठभूमि और ताजा घोषणा के दायरे को अलग समझना जरूरी है।
दो अक्टूबर की विज्ञप्ति आधिकारिक मानचित्र और नामों की पहचान से संबंधित है। इसमें नई सैन्य तैनाती, गश्त की व्यवस्था बदलने या सीमा समझौते की घोषणा नहीं की गई है। इसलिए इस सूची को जमीनी नियंत्रण में किसी बदलाव का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
