नीरू ढांडा ने चार अक्टूबर को नागोया में एशियाई खेलों के समापन समारोह में भारत का तिरंगा थामा। इसके साथ आइची-नागोया संस्करण में देश की भागीदारी औपचारिक रूप से पूरी हुई। आकाशवाणी और एएनआई ने उसी दिन समारोह संपन्न होने की खबर दी। रेडिफ की चार अक्टूबर की रिपोर्ट में नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में भारतीय दल की परेड का विवरण है।

चार अक्टूबर को देखे गए भारतीय ओलंपिक संघ के पदक विवरण में भारत 85 पदकों के साथ कुल मिलाकर चौथे स्थान पर था। इनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक हैं। समापन समारोह की खबरों में भी यही कुल संख्या दी गई है। ये पूरे टूर्नामेंट के नतीजे हैं, समारोह में मिले पदक या किसी एक नए दिन की उपलब्धि नहीं।

ट्रैप निशानेबाजी में दो स्वर्ण और एक रजत जीतने के बाद ढांडा को ध्वजवाहक की भूमिका मिली। एएनआई की चार अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण, आशीमा अहलावत और मनीषा कीर के साथ महिला टीम में रजत तथा किनान चेनाई के साथ मिश्रित टीम में स्वर्ण जीता। ये परिणाम समापन समारोह से पहले के हैं; रविवार का नया घटनाक्रम राष्ट्रीय ध्वज के साथ उनकी भागीदारी थी।

आकाशवाणी के अनुसार, एशियाई ओलंपिक परिषद के अध्यक्ष ने खेलों को समाप्त घोषित किया और समारोह की धरोहरें कतर के प्रतिनिधियों को सौंपी गईं। अगला संस्करण 2030 में दोहा में होगा। भारतीय दल की अंतिम परेड ने खेल कार्यक्रम के समापन को चिह्नित किया, जबकि पदक तालिका पूरी हो चुकी प्रतियोगिताओं में देश का कुल प्रदर्शन दर्ज करती है।