भारत के नवीनतम वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण में 2024–25 के दौरान सर्वे के दायरे वाले क्षेत्र में 2.10 करोड़ लोगों के कार्यरत होने का अनुमान है। पिछले वर्ष यह संख्या 1.96 करोड़ थी। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 30 सितंबर को परिणाम जारी करते हुए 7.19 प्रतिशत वृद्धि बताई।

आंकड़े अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक के वित्त वर्ष के हैं। सर्वेक्षण का मैदानी काम अक्टूबर 2025 से जून 2026 के बीच हुआ। इसलिए यह पहले की अवधि का नया प्रकाशित आकलन है, सितंबर 2026 में बने रोजगारों की गिनती नहीं। पीटीआई और आकाशवाणी ने भी परिणाम जारी होने और रोजगार के आंकड़ों की खबर दी।

अनुमानों में शामिल प्रतिष्ठानों की संख्या करीब 2.60 लाख से बढ़कर 2.67 लाख हुई। कुल पारिश्रमिक में 12.08 प्रतिशत और सकल मूल्य वर्धन में 9.59 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। रुपये में दिए गए मूल्य वर्तमान कीमतों पर हैं; इन्हें महंगाई का असर हटाने के बाद की वृद्धि नहीं माना जाना चाहिए।

तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हरियाणा का कार्यरत लोगों में संयुक्त हिस्सा करीब 56 प्रतिशत था। सर्वे मुख्यतः पंजीकृत उद्योग को दर्शाता है और यह भारत के समूचे रोजगार का अनुमान नहीं है। मंत्रालय ने प्रकाशित संख्याओं को सर्वे आधारित अनुमान बताते हुए सावधानी से उपयोग करने को भी कहा है।