पंचायती राज मंत्रालय ने दो अक्टूबर की शाम बताया कि देश में विशेष ग्राम सभाओं के साथ जन योजना अभियान 2026–27 शुरू हुआ। इसके तहत वित्त वर्ष 2027–28 के लिए पंचायत विकास योजनाएं तैयार की जानी हैं। बैठकों की पूर्व घोषणा के बाद अब यह उनके आयोजन और अभियान के शुभारंभ की खबर है।
मंत्रालय के अनुसार, दो आधिकारिक पोर्टल पर 2.42 लाख से अधिक बैठकें निर्धारित थीं। विज्ञप्ति में देशभर में चर्चाएं होने की जानकारी भी है, लेकिन हर बैठक के संपन्न होने का अलग सत्यापन नहीं दिया गया। इसलिए निर्धारित बैठकों के आंकड़े को स्वतंत्र रूप से सत्यापित संपन्न ग्राम सभाओं की संख्या नहीं समझना चाहिए।
मंत्रालय के मुताबिक, निवासियों, निर्वाचित प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पानी, स्वच्छता, आजीविका, भूमि अधिकार और स्थानीय वित्त पर चर्चा की। एएनआई की दो अक्टूबर की खबर में बताया गया कि लोगों के सुझाव विकास योजनाओं में काम आएंगे। नॉर्थईस्ट नाउ ने भी उसी दिन मणिपुर के काकचिंग जिले में बैठकें होने की अलग खबर दी।
अभियान में केंद्र के 21 मंत्रालय और विभाग शामिल हैं। स्थानीय प्राथमिकताएं तय करना योजना की शुरुआती प्रक्रिया है। शुभारंभ से यह साबित नहीं होता कि हर प्रस्ताव स्वीकृत हो गया, उसे धन मिल गया या निर्माण पूरा हो गया। गांवों के निर्णय और उनके क्रियान्वयन की स्थिति राष्ट्रीय स्तर पर सरकार द्वारा दिए गए विवरण से अलग जांची जानी होगी।
