मणिपुर में तीन दिनों के भीतर दो गोलीबारी की घटनाओं में सात नगा नागरिकों की मौत हुई। 24 सितंबर को कामजोंग जिले के पिलोंग गांव में चार तांगखुल नगा नागरिक मारे गए। सेनापति जिले के कालेनजांग में 26 सितंबर को बंदूकधारियों की गोलीबारी में दो नागरिकों की मौत हुई; नगा पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन ने 27 सितंबर को कहा कि अस्पताल में तीसरे घायल ने भी दम तोड़ दिया। उस समय एक अन्य घायल का इलाज चल रहा था।
पुलिस ने कहा कि म्यांमार-आधारित कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा के संदिग्ध सदस्य भारत–म्यांमार सीमा के पास पिलोंग में घुसे और गोलीबारी की। मारे गए चार लोगों की पहचान फामी जाजो, निंगथेम कसाक, बेटरसन जाजो और वरेइशिम जाजो के रूप में हुई। KNA-B ने संलिप्तता से इनकार किया, मृतकों को नागरिक बताए जाने पर विवाद किया और उनके बारे में अपने आरोप लगाए। उन जवाबी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और वे आपराधिक जांच का स्थान नहीं लेते।
कालेनजांग हमले में मणिपुर मुख्यमंत्री कार्यालय ने शुरुआत में दो मौतों और दो घायलों की पुष्टि की तथा हमलावरों को अज्ञात उग्रवादी बताया। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन कोई सत्यापित मकसद या हमलावर घोषित नहीं किया गया था। स्थानीय समूहों ने हथियारबंद कुकी तत्वों पर आरोप लगाया; उस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई। बाद में हुई तीसरी मौत बताती है कि शुरुआती खबरों और पहली आधिकारिक सूचना में दो, जबकि बाद की रिपोर्टों में तीन मौतें क्यों दर्ज हैं।
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कालेनजांग गोलीबारी को निर्दोष लोगों पर हमला बताते हुए निंदा की। नगा नागरिक संगठनों ने कामजोंग और सेनापति में बंद रखा और निष्पक्ष, समयबद्ध जांच की मांग की। उनकी मांगें और जिम्मेदारी से जुड़े दावे राजनीतिक तथा सामुदायिक रुख हैं, न्यायिक निष्कर्ष या पूरे जातीय समुदाय के खिलाफ सबूत नहीं।
ये हमले फरवरी से उखरुल, कामजोंग, सेनापति और कांगपोकपी तक फैली नगा–कुकी हिंसा की व्यापक श्रृंखला के बीच हुए। सुरक्षा और सामुदायिक खातों पर आधारित 29 सितंबर के एक आकलन में व्यापक मृतक संख्या 50 से अधिक बताई गई, लेकिन हर मौत की पुष्टि के लिए कोई समेकित आधिकारिक सूची उपलब्ध नहीं थी। तत्काल कथित हमलावर जांच के दायरे में आने वाले गैर-राज्य हथियारबंद तत्व हैं; सार्वजनिक सुरक्षा और आगे की जवाबदेही प्रक्रिया की जिम्मेदारी मणिपुर सरकार और केंद्र के अधिकारियों पर बनी रहती है, लेकिन यह रिपोर्ट हर हमले को किसी सरकार या पूरे समुदाय पर नहीं डालती।
