उमर खान के परिवार ने आरोप लगाया कि 10 नवंबर 2017 को अलवर में पशु ले जाते समय गौरक्षकों ने उन्हें गोली मारी। उनका शव रामगढ़ इलाके में रेलवे पटरियों के पास मिला।

14 नवंबर को अलवर पुलिस ने हत्या की जांच में भगवान सिंह गुर्जर और रामवीर गुर्जर की गिरफ्तारी की घोषणा की। पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश ने कहा कि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी थी। गिरफ्तारी दोषसिद्धि नहीं थी।

पुलिस ने खान और उनके साथियों के खिलाफ पशु तस्करी का अलग मामला भी दर्ज किया। उस आरोप से अपराध साबित नहीं होता, न घातक हमला जायज हो जाता है। परिवार ने संदिग्ध गौरक्षकों को जिम्मेदार बताया, जबकि पुलिस ने अपनी जांच को हत्या का मामला कहा।
यह फाइल नवंबर 2017 की जांच का पड़ाव दर्ज करती है, बाद के मुकदमे के किसी पुष्ट नतीजे का दावा नहीं करती।
