पश्चिम बंगाल ने 30 सितंबर को कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान में हुई हिंसा की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल बनाया। उसी दिन की इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट ने गृह विभाग की अधिसूचना के हवाले से बताया कि टीम को तीन मामले सौंपे गए हैं और 1 अक्टूबर तक प्रारंभिक रिपोर्ट देनी है।

द स्टेट लाइन पर 30 सितंबर को प्रकाशित समाचार एजेंसी आईएएनएस की खबर ने भी टीम के गठन और समयसीमा की पुष्टि की। अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कुणाल अग्रवाल जांच का नेतृत्व करेंगे। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कर्मियों की मदद ली जा सकती है। टीम बनने से हिंसा की जिम्मेदारी तय नहीं हो जाती।

टकराव 27 सितंबर को परिसर में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के कार्यक्रम के दौरान हुआ था। छात्रों का आरोप है कि कार्यक्रम पर आपत्ति करने पर उनसे मारपीट हुई। संगठन ने दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों पर कार्यक्रम बाधित करने और बैनर क्षतिग्रस्त करने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों के दावे अभी जांच के विषय हैं।

इंडियन एक्सप्रेस ने संस्थान की शिकायत में छात्रों और शिक्षकों पर हमले के आरोपों का भी उल्लेख किया। पुलिस की शिकायत में काम में बाधा डालने और सरकारी वाहन को नुकसान पहुंचाने का आरोप है। जांच में इन विवरणों को परखा जाना है। प्रकाशन तक पूरी जांच रिपोर्ट या अंतिम निष्कर्ष उपलब्ध नहीं था।