धनबाद की एक अदालत ने 3 अक्टूबर को शाहिद आलम, शहादत हुसैन और तनवीर आलम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मामला 2004 में वासेपुर स्थित फहीम खान के घर पर हुए हमले का है। यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया ने उसी दिन सजा की खबर दी।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय पारस कुमार सिन्हा ने हत्या के प्रयास में दस वर्ष और आर्म्स एक्ट के तहत सात वर्ष की सजा भी दी। अधिवक्ता शाहबाज सलाम के हवाले से यूएनआई ने बताया कि जेल की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
द टाइम्स ऑफ इंडिया की 3 अक्टूबर की रिपोर्ट ने स्पष्ट किया कि दोषसिद्धि 28 सितंबर को हुई थी और सजा अब सुनाई गई है। इस मामले में तीनों दोषी करार दिए जा चुके हैं। अदालत ने सजा पर सुनवाई के लिए 3 अक्टूबर तय किया था।
हमला 29 जनवरी 2004 को हुआ था। अमर उजाला की 3 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, गोलीबारी में अंगरक्षक विनोद शर्मा की मौत हुई और एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ। एके-47 और दूसरे हथियारों से हुए इस हमले में खान बच निकले थे।
इस आदेश के साथ निचली अदालत में सजा तय करने की प्रक्रिया पूरी हुई। द टाइम्स ऑफ इंडिया ने बताया कि फैसले के खिलाफ अपील संभव है। समीक्षा की गई सामग्री में आदेश की प्रति और बचाव पक्ष की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।
