रांची की विशेष अदालत ने 30 सितंबर को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बड़गाईं क्षेत्र की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े धनशोधन मामले में आरोप तय किए। सोरेन वीडियो के जरिए पेश हुए और खुद को निर्दोष बताया। अदालत ने अगली सुनवाई 30 नवंबर तय की।

प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि जमीन का गैरकानूनी अधिग्रहण कराने के लिए भूमि अभिलेखों में हेरफेर हुआ। इन आरोपों का मुकदमे में परीक्षण होगा। आरोप तय होने से अभियोजन को अपना मामला पेश करने का रास्ता मिलता है; इससे सोरेन का अपराध सिद्ध नहीं होता।

उनके वकील ने कहा कि अब गवाहों का परीक्षण होगा। सोरेन जनवरी 2024 में गिरफ्तार हुए थे और जून 2024 में झारखंड हाई कोर्ट से जमानत मिली थी। जमानत का फैसला शुरुआती आकलन था, जो मुकदमे के अंतिम निर्णय से अलग है।

सोरेन की एक अलग चुनौती भी हाई कोर्ट में लंबित है। द स्टेट्समैन के अनुसार, 30 सितंबर को हाई कोर्ट ने ईडी से अतिरिक्त हलफनामा मांगा और याचिका की सुनवाई योग्य होने के प्रश्न पर 28 अक्टूबर की तारीख तय की। अभियोजन समाप्त करने वाला कोई अंतिम फैसला रिपोर्ट नहीं हुआ।