प्रवर्तन निदेशालय ने कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व के दान के कथित दुरुपयोग से जुड़ी धनशोधन जांच में 30 सितंबर को आठ परिसरों की तलाशी ली। पीटीआई-भाषा और फ्री प्रेस जर्नल के अनुसार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात और दिल्ली-एनसीआर में न्यासियों तथा बिचौलियों से जुड़े परिसरों पर कार्रवाई हुई।

एजेंसी को संदेह है कि कुछ न्यास कंपनियों का योगदान लेने और कमीशन काटकर धन दानदाताओं को लौटाने के लिए इस्तेमाल किए गए। व्यापक जांच में यह भी देखा जा रहा है कि स्वास्थ्य परियोजनाओं और उपकरण खरीद पर वास्तविक खर्च खातों में दर्ज राशि के अनुरूप था या नहीं। ये जांचकर्ताओं के आरोप हैं, संबंधित संगठनों के खिलाफ अदालत के निष्कर्ष नहीं।

फ्री प्रेस जर्नल और मनीकंट्रोल की 30 सितंबर की खबरों में जांच के दायरे वाली व्यवस्थाओं से करीब 200 करोड़ रुपये गुजरने का अनुमान बताया गया। यह धन के प्रवाह का बताया गया पैमाना है। इससे पूरी रकम चोरी या अन्यत्र इस्तेमाल होना साबित नहीं होता; वास्तविक उपयोग तय करना अभी जांच का हिस्सा है।

अधिकारी वित्तीय दस्तावेजों, बिलों और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री की जांच कर रहे थे। यह मामला जुलाई में मुंबई पुलिस के यहां दर्ज शिकायत से शुरू हुआ था। देखी गई खबरों में नई गिरफ्तारी की पुष्टि या तलाशी वाले परिसरों से जुड़े लोगों की प्रतिक्रिया नहीं थी। केवल तलाशी से कथित अपराध साबित नहीं होते।