बिहार कैबिनेट ने 30 सितंबर की बैठक में कृषि बिजली फीडरों के सौरकरण के लिए 2,761.55 करोड़ रुपये का पैकेज मंजूर किया। सरकारी बैठक रिकॉर्ड और यूएनआई की खबर के अनुसार, शेष 2,554 कृषि फीडरों से जुड़े प्रस्तावित सौर संयंत्रों की कुल क्षमता 2,585 मेगावाट है।

स्वीकृत राशि में प्रति मेगावाट 1.05 करोड़ रुपये की दर से 2,714.25 करोड़ रुपये का अनुदान और 946 विद्युत उपकेंद्रों पर कार्यान्वयन से जुड़ी ग्राम पंचायतों के लिए 47.30 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन शामिल है। ये स्वीकृत पैकेज के आंकड़े हैं, पहले से भुगतान की गई राशि या स्थापित उत्पादन क्षमता नहीं।

इसी बैठक में बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 के मसौदे को भी मंजूरी दी गई। यूएनआई और प्रभात खबर ने इसकी सूचना दी। कैबिनेट दस्तावेज मसौदे की स्वीकृति दर्ज करता है; केवल इससे हर प्रस्तावित प्रोत्साहन के लिए आवेदन खुलना या परियोजनाओं में उत्पादन शुरू होना स्थापित नहीं होता।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बैठक पटना में शाम चार बजे हुई। अमल, निर्माण और बाद की परिचालन घोषणाओं से स्पष्ट होगा कि ऊर्जा संबंधी मंजूरियां उपयोगकर्ताओं तक कब पहुंचेंगी। कैबिनेट सार में सौर संयंत्र चालू होने की तारीख नहीं दी गई है।