शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे और तीन अन्य आरोपियों ने रविवार, चार अक्टूबर को कल्याण की अदालत में समर्पण किया। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में आधारवाड़ी जेल भेज दिया। इंडिया टुडे में प्रकाशित पीटीआई की रिपोर्ट और हिन्दुस्थान पोस्ट तथा सरकारनामा की अलग मराठी रिपोर्टें रविवार को पेशी और हिरासत की पुष्टि करती हैं।
मामला छह जुलाई को डोंबिवली के शास्त्री नगर नगरपालिका अस्पताल में डॉक्टरों से कथित मारपीट और गाली-गलौज से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर के आदेश में चारों आरोपियों की जमानत रद्द कर उन्हें पांच अक्टूबर से पहले समर्पण करने को कहा था। रविवार को उसी के बाद यह कार्रवाई हुई।
उस पहले की सुनवाई में म्हात्रे के वकील सिद्धार्थ दवे ने दलील दी थी कि आरोप झूठे हैं और उन्हें तोड़-मरोड़कर तथा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दिए जाने के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार की अपील स्वीकार की। अदालत ने जल्द सुनवाई और अहम गवाहों की सुरक्षा के निर्देश भी दिए। यह जमानत का फैसला था, दोषसिद्धि नहीं; आरोपों का फैसला मुकदमे में होगा।
