कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक अक्टूबर को कथित नफरती भाषण मामले में महुआ मोइत्रा को कठोर कार्रवाई से मिला अंतरिम संरक्षण 29 जनवरी 2027 तक बढ़ा दिया। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने अगली सुनवाई 13 जनवरी को तय की। मामले की जांच जारी रहेगी।
लाइव लॉ के मुताबिक राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि मोइत्रा 14 अगस्त को जांच अधिकारी के सामने उपस्थित हुई थीं और सवालों के जवाब दिए थे। उनके वकील ने कहा कि उस पेशी के दौरान उन पर अंडे नहीं फेंके गए। संरक्षण बढ़ने से मुकदमा समाप्त नहीं हुआ और आरोपों की सच्चाई पर फैसला नहीं हुआ है।
कृष्णनगर के दौरों के दौरान कथित हमलों से जुड़े अलग मामले में अदालत ने सांसद के साथ दो पुलिसकर्मी रहने की व्यवस्था 30 नवंबर तक जारी रखी। उस याचिका को मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ देखेगी। द स्टेट्समैन और आईएएनएस ने पुलिस सुरक्षा को कठोर कार्रवाई से संरक्षण से अलग बताया है। दोनों की समय-सीमाएं अलग हैं।
