राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने चार अक्टूबर को कहा कि उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से संपर्क कर महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग की परीक्षाओं के लिए तैयारी कर रहे प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से बातचीत की अपील की है। इससे पहले पुणे में अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात की थी। लोकसत्ता की रविवार की रिपोर्टों और टाइम्स ऑफ इंडिया की अलग संवाददाता रिपोर्ट में फोन पर हुई बातचीत और पवार की अपील का उल्लेख है।

अभ्यर्थियों ने परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक, भर्ती में देरी और आयोग के नेतृत्व को लेकर सवाल उठाए हैं। ये जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की मांगें हैं; आंदोलन होने से हर आरोप साबित नहीं हो जाता। पवार ने कहा कि सरकार और अभ्यर्थियों को बातचीत के जरिए गतिरोध दूर करने का रास्ता निकालना चाहिए।

परीक्षा के स्वरूप को लेकर प्रदर्शनकारी समूहों में अलग-अलग राय भी है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार पुणे में तीन स्थानों पर आंदोलन चल रहे हैं। कुछ समूह वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र के पक्ष में हैं, जबकि एक समूह वर्णनात्मक परीक्षा चाहता है। ये समूह पिछले दिनों में बने थे। यह रविवार की पहल की पृष्ठभूमि है, परीक्षा प्रणाली का कोई नया नियम नहीं।

केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोळ ने रविवार को अलग स्थिति रखी। लोकसत्ता के अनुसार उन्होंने कहा कि आयोग अध्यक्ष को हटाने की मांग के अलावा सरकार बाकी मांगें मान चुकी है। अध्यक्ष को हटाने में उन्होंने तकनीकी कठिनाइयों की बात कही और आंदोलन रोकने की अपील की। किन मुद्दों पर सहमति बनी है, इस बारे में यह सरकार के पक्ष का दावा है; सभी प्रदर्शनकारी समूहों से पुष्ट समझौता नहीं।

देखी गई रिपोर्टों से परीक्षा की नई तारीख, आयोग अध्यक्ष को हटाए जाने या सभी समूहों को स्वीकार समझौते की पुष्टि नहीं होती। चार अक्टूबर का नया घटनाक्रम जारी विवाद में बातचीत की पहल और उस पर राजनीतिक प्रतिक्रिया है।