2 अक्टूबर की रिपोर्टों में गुजरात की 1 अक्टूबर की नागरिक संहिता अधिसूचना की जानकारी आई; राष्ट्रपति ने 17 सितंबर को मंजूरी दी थी। एनडीटीवी के अनुसार, लागू होने की तारीख राज्य को घोषित करनी है।

कानून विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों से जुड़ा है; अनुसूचित जनजातियों को छूट है। अधिसूचना का अर्थ सभी प्रावधान तत्काल लागू होना नहीं है।

शुक्रवार की एएनआई रिपोर्ट में भाजपा ने इसे समानता की दिशा में कदम बताया। कांग्रेस ने व्यापक परामर्श की मांग करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं की आलोचना की।