सुप्रीम कोर्ट ने एक अक्टूबर को कर्नाटक लोक सेवा आयोग के दो भर्ती मामलों में विशेष जांच दल बनाने और नए सिरे से जांच कराने के हाई कोर्ट के निर्देशों पर रोक लगाई। इंडियन एक्सप्रेस और पब्लिक टीवी ने न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा तथा विजय बिश्नोई के फैसले की खबर दी। आदेश अंतरिम है और इसका मतलब किसी आरोपी को आरोपों से मुक्त करना नहीं है।
कर्नाटक सरकार ने दलील दी कि अपराध जांच विभाग की पड़ताल पूरी होने के करीब थी, उसमें स्पष्ट खामियां नहीं बताई गई थीं और नए दल के सदस्य उससे सलाह किए बिना चुने गए थे। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने चुने गए अधिकारियों पर राज्य की आपत्तियां सीलबंद रूप में रखने को कहा और वैकल्पिक नाम सुझाने की अनुमति दी।
हाई कोर्ट के 21 सितंबर के निर्देश पशु चिकित्सकों की भर्ती और निलंबित आयोग अध्यक्ष की बेटी की कथित अनुचित नियुक्ति से संबंधित थे। चिंता मौजूदा जांच व्यवस्था की उपयुक्तता को लेकर थी। मूल आरोपों का फैसला बाकी है।
