ध्रुव स्पेस के अनुसार, उसका लीप-2 उपग्रह दो अक्टूबर को भारतीय समय के मुताबिक रात एक बजे कक्षा में पहुंचा। फाल्कन-9 रॉकेट ने रात 12 बजकर दो मिनट पर उड़ान भरी थी। कंपनी के अद्यतन मिशन पृष्ठ में इसकी पुष्टि है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने भी दो अक्टूबर को इस उपलब्धि की खबर दी।

लीप-2 में ध्रुव के पी-30 उपग्रह प्लेटफॉर्म पर दो तकनीकों का परीक्षण होगा। इनमें फ्रांस की सोडर्न का तारों की मदद से दिशा पहचानने वाला उपकरण और भारत की सैटलियो लैब्स का तापस-1 पेलोड शामिल है। ध्रुव का कहना है कि उसने प्रक्षेपण यान से जोड़ने का काम संभाला और जमीनी ढांचे से मिशन को सहायता देगा।

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, इसी ट्रांसपोर्टर-18 उड़ान में टेकमीटूस्पेस का एमओआई-1ए और उस पर ईऑन स्पेस लैब्स की मीरा दूरबीन भी भेजी गई। उद्देश्य तापीय चित्रण, पृथ्वी के अवलोकन और अंतरिक्ष में आंकड़ों के प्रसंस्करण का परीक्षण है। टेकमीटूस्पेस का तकनीकी पृष्ठ कंप्यूटिंग तथा कई वर्णक्रमीय बैंड में तस्वीरें लेने की क्षमता बताता है।

कक्षा में पहुंचना इन भारतीय अंतरिक्ष कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण चरण है। उपकरण चालू करके जांचना, तस्वीरों की गुणवत्ता परखना और ग्राहकों को भरोसेमंद सेवाएं देना अलग चरण हैं। सफल प्रक्षेपण से इन सभी के नतीजे अपने आप साबित नहीं होते।