दिल्ली में 2 अक्टूबर के जंतर मंतर प्रदर्शन की खबर जुटा रहे पत्रकारों ने पुलिस पर धक्कामुक्की और हिरासत के प्रयास का आरोप लगाया। क्विंट ने उसी दिन रिपोर्ट की।
ऑब्जर्वर पोस्ट ने मकतूब के हवाले से बताया कि रिपोर्टर फिदा फातिमा को बस की ओर खींचा गया, लेकिन हिरासत में नहीं लिया गया। क्विंट ने प्रेस पहचान दिखाते अन्य पत्रकारों को भी वाहनों की ओर धकेलने की बात बताई।
दोनों रिपोर्टों में इन विशिष्ट आरोपों पर पुलिस का जवाब नहीं है। इससे धार्मिक निशाना बनाने का मकसद या अधिकारियों के खिलाफ न्यायिक निष्कर्ष स्थापित नहीं होता।
