अमर उजाला और पंजाब केसरी की रिपोर्टों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार, चार अक्टूबर को टांडा मेडिकल कॉलेज में छेड़छाड़ की शिकायत के बाद प्रयोगशाला के एक कर्मचारी को निलंबित करने का निर्देश दिया। रिपोर्टों से निर्देश दिए जाने की जानकारी मिलती है; औपचारिक निलंबन अधिसूचना जारी होने की पुष्टि नहीं होती।
कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मिलाप शर्मा ने अमर उजाला को बताया कि उन्हें निर्देश की जानकारी सोशल मीडिया से मिली थी, लेकिन तब तक आधिकारिक सूचना नहीं मिली थी। इसलिए उस समय कार्रवाई लागू हो जाने का दावा नहीं किया जा सकता।
अमर उजाला के मुताबिक, रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. क्रांति बिष्ट ने निर्देश का स्वागत किया, लेकिन कहा कि निलंबन अधिसूचना जारी होने तक विरोध जारी रहेगा। संगठन ने अपनी मांग को कार्यस्थल की सुरक्षा से जोड़ा।
देखी गई सामग्री में औपचारिक निलंबन आदेश या आरोपी कर्मचारी का पक्ष उपलब्ध नहीं था। प्रशासनिक कार्रवाई से छेड़छाड़ का आरोप सिद्ध नहीं होता। असल सच शिकायतकर्ता का नाम और पहचान उजागर कर सकने वाली निजी या विभागीय जानकारी नहीं दे रहा है।
