अमर उजाला ने इंस्पेक्टर सुनील सिंह के हवाले से बताया कि लखनऊ पुलिस ने कथित पिटाई के बाद किशोर की मौत की जांच में रविवार, चार अक्टूबर को एक डेंटल कॉलेज के प्लंबर को गिरफ्तार किया। अधिकारी ने गिरफ्तार व्यक्ति का नाम सुभाष चंद्र बताया। तीन अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जांच जारी है।

मामला तीस सितंबर के घटनाक्रम से जुड़ा है। पुलिस का आरोप है कि एसी का पाइप ले जाने के संदेह में कॉलेज के कर्मचारियों ने किशोर को रोककर पीटा। बाद में उसकी मां की शिकायत पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया। चोरी का संदेह पुलिस के विवरण का हिस्सा है; इसे बच्चे के खिलाफ सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।

हिन्दुस्तान की एक अलग, पहले प्रकाशित रिपोर्ट में इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह का पक्ष और परिवार का यह आरोप दर्ज है कि किशोर को रोककर रखा गया और पीटा गया। पुलिस ने उस अखबार को बताया था कि किशोर को एक पुलिस चौकी भी ले जाया गया, जहां पूछताछ के बाद उसे जाने के लिए कह दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, वह बाद में अचेत मिला और अस्पताल में मृत घोषित किया गया।

सिंह ने अमर उजाला को बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर नई गिरफ्तारी की गई। देखी गई रिपोर्टों में गिरफ्तार कर्मचारी या उसके वकील का पक्ष नहीं मिला। संबंधित फुटेज, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और रिमांड आदेश समीक्षा के लिए उपलब्ध नहीं थे। मौत के लिए किसकी जिम्मेदारी है, यह अभी तय होना बाकी है।