हरदोई पुलिस ने बताया कि उसने चार अक्टूबर को मादक पदार्थों की कथित तस्करी के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया और 14 किलोग्राम गांजा तथा एक कार बरामद की। जिला पुलिस के उसी दिन के प्रेस नोट के मुताबिक, कार्रवाई में सुरसा थाने की पुलिस, सर्विलांस टीम और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप शामिल थे। गिरफ्तारी से आरोप साबित नहीं हो जाते।
पुलिस के आधिकारिक प्रेस नोट में गिरफ्तार लोगों के नाम पंकज, नितिन, शिवा और शालू उर्फ शालिनी दिए गए हैं। इनमें तीन सीतापुर और एक हरदोई जिले का निवासी है। प्रेस नोट में चारों को स्पष्ट रूप से गिरफ्तार बताया गया है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने भी पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीना के हवाले से चार गिरफ्तारियों की खबर दी। उनके मुताबिक, चेकिंग के दौरान कार रोककर तलाशी ली गई थी।
हालांकि, बाद में रात 10:49 बजे प्रकाशित हिन्दुस्तान की रिपोर्ट में तीन गिरफ्तारियां और शिवा की तलाश जारी होने की बात कही गई है। यह जिला पुलिस के प्रेस नोट और पीटीआई में प्रकाशित पुलिस अधीक्षक के बयान से अलग है। इस अंतर का कारण स्पष्ट नहीं है।
पुलिस ने सुरसा थाने में मुकदमा संख्या 355/2026 दर्ज किया है। प्रेस नोट के अनुसार, इसमें एनडीपीएस एक्ट की धाराएं 8, 20, 25 और 29 लगाई गई हैं। ये पुलिस की ओर से दर्ज आरोपों का कानूनी आधार हैं। उपलब्ध प्रेस नोट में अदालत द्वारा आरोपों की जांच करने या किसी आरोपी की भूमिका पर फैसला सुनाने की जानकारी नहीं है।
पीटीआई में प्रकाशित पुलिस अधीक्षक के बयान के मुताबिक, पुलिस यह पता लगा रही है कि कथित खेप कहां से लाई गई, कहां पहुंचाई जानी थी और इससे अन्य कौन लोग जुड़े थे। देखी गई सामग्री में आरोपियों या उनके वकीलों का पक्ष, प्रयोगशाला की जांच का नतीजा अथवा बाद का कोई अदालती आदेश उपलब्ध नहीं था। कथित नेटवर्क और हर आरोपी की भूमिका की जांच जारी है।
