उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक नाबालिग के साथ कथित यौन हिंसा की जांच में पुलिस ने एक व्यक्ति की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। रविवार, चार अक्टूबर की स्थानीय रिपोर्ट में बताया गया कि गिरफ्तारी उसी दिन हुई। बाद में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अंतरिक्ष जैन के बयान के साथ जारी जिला पुलिस की सूचना में मुकदमा दर्ज होने और अन्य आरोपियों की तलाश के लिए टीमें बनाए जाने की पुष्टि हुई। आरोपों की जांच अभी जारी है।

जिला पुलिस के बयान के अनुसार, बच्ची की मां ने शिकायत देकर कुछ स्थानीय युवकों पर अपनी बेटी के साथ यौन हिंसा का आरोप लगाया था। रॉयल बुलेटिन की चार अक्टूबर की शाम की रिपोर्ट में भी गिरफ्तारी और अन्य आरोपियों की तलाश की जानकारी दी गई। दैनिक भास्कर की शाम की खबर के अनुसार गिरफ्तारी रविवार को हुई। समीक्षा की गई सामग्री से किसी की दोषसिद्धि या मुकदमे की सुनवाई पूरी होने की पुष्टि नहीं होती।

रविवार सुबह प्रकाशित हिन्दुस्तान की खबर में परिवार के हवाले से आरोप लगाया गया कि घटना 28 सितंबर को हुई और दो अक्टूबर को दी गई शिकायत के बाद तुरंत एफआईआर दर्ज नहीं हुई। खबर के अनुसार बच्ची और उसकी मां तीन अक्टूबर को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय पहुंची थीं। उसी रिपोर्ट में स्थानीय इंस्पेक्टर का पक्ष भी था कि दोनों पक्षों के बीच विवाद की जांच की जा रही है।

बाद में जारी जिला पुलिस के बयान में कहा गया कि शिकायत मिलते ही मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि बयान में एफआईआर का नंबर या दर्ज होने का समय नहीं दिया गया, जिससे शुरुआती कार्रवाई को लेकर परिवार का आरोप स्पष्ट हो सके। इसलिए दोनों बातों को अलग रखना जरूरी है। गिरफ्तारी और जारी जांच की पुष्टि पुलिस ने की है, लेकिन पहली शिकायत के समय और उस पर हुई कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

आगे की प्रक्रिया को लेकर भी रिपोर्टों में अंतर है। स्थानीय खबरों में मेडिकल परीक्षण और अदालत के सामने बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी होने या जारी रहने की बात कही गई है, जबकि पुलिस की पोस्ट में इन प्रक्रियाओं को आगे की कानूनी कार्रवाई से जोड़ा गया है। संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण इस रिपोर्ट में दोनों प्रक्रियाएं पूरी मानकर नहीं बताई जा रही हैं। देखे गए स्रोतों में गिरफ्तार व्यक्ति या उसके कानूनी प्रतिनिधि का पक्ष नहीं है। बच्ची की पहचान उजागर कर सकने वाली जानकारी नहीं दी गई है।