भारत के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने 24 सितंबर को बेंगलुरु स्थित GalaxEye के साथ ₹63.84 करोड़ के वित्तपोषण समझौते की घोषणा की। सहायता अनुसंधान, विकास और नवाचार निधि से आएगी तथा यह बहु-सेंसर पृथ्वी अवलोकन उपग्रह विकसित करने की स्वीकृत ₹247.69 करोड़ की परियोजना का हिस्सा है।
प्रस्तावित OptoSAR प्रणाली सिंथेटिक अपर्चर रडार को ऑप्टिकल इमेजिंग से जोड़ती है। ऑप्टिकल अवलोकन दृश्य विवरण देते हैं, जबकि रडार दिन के प्रकाश के बिना और बादलों के पार काम कर सकता है। डेटा मिलाने का उद्देश्य बदलते मौसम और रोशनी में अवलोकन को अधिक सुसंगत बनाना है।
परियोजना का लक्ष्य आधे मीटर से बेहतर रिजॉल्यूशन वाली इमेजिंग है, जिसके संभावित उपयोगों में बड़े क्षेत्र की निगरानी और वाहनों की पहचान शामिल है। वित्तपोषण वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर के रूप में होगा और इंजीनियरिंग, परीक्षण व सत्यापन को सहायता देगा। घोषित लक्ष्य तैनाती से पहले तकनीक को तत्परता स्तर छह से नौ तक ले जाना है।
