मद्रास हाई कोर्ट ने एक अक्टूबर को निलंबित पुलिस इंस्पेक्टर मोहम्मद बुहारी की जमानत याचिका खारिज कर दी। मामला चेन्नई के एक कारोबारी से कथित तौर पर 40 लाख रुपये वसूलने का है। यूएनआई, न्यूज टुडे और तमिल वनइंडिया की रिपोर्टों के अनुसार न्यायमूर्ति एन. रमेश ने सुनवाई के बाद जमानत देने से इनकार किया।
पुलिस का आरोप है कि कारोबारी को बहुजन समाज पार्टी के नेता के. आर्मस्ट्रांग की हत्या की जांच में झूठा फंसाने की धमकी दी गई थी। वसूली की जांच में बुहारी और श्रीनिवासन नामक एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। यूएनआई के मुताबिक बुहारी हत्या की जांच करने वाली टीम में थे। उन्हें चार अगस्त को गिरफ्तार किए जाने के बाद निलंबित किया गया था।
प्रधान सत्र अदालत पहले दो जमानत अर्जियां खारिज कर चुकी थी। गुरुवार का आदेश आपराधिक कार्यवाही के दौरान रिहाई से संबंधित है, दोषसिद्धि से नहीं। उपलब्ध रिपोर्टों में बचाव पक्ष की विस्तृत दलीलें और अदालत के कारण नहीं दिए गए। इसलिए साक्ष्यों या दोष के बारे में अतिरिक्त निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
