कोल्लम की विजिलेंस अदालत ने ड्राइविंग लाइसेंस धोखाधड़ी मामले में पथनमथिट्टा परिवहन कार्यालय के एक एजेंट को 30 सितंबर को सजा सुनाई। केरल कौमुदी और द हिंदू के हवाले से प्रकाशित खबर में प्रभावी जेल अवधि छह साल बताई गई है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने अलग से दोषसिद्धि की पुष्टि की और बताया कि सजाएं साथ चलेंगी।
मामला 2008–09 की लाइसेंस और दस्तावेज संबंधी अनियमितताओं का है। अदालती खबरों में दोषी एजेंट का नाम मुहम्मद शफीक और न्यायाधीश का नाम मोहित सी. एस. बताया गया है। जांचकर्ताओं का आरोप था कि जाली रिकॉर्ड के सहारे जरूरी परीक्षण या सत्यापन के बिना लाइसेंस और संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
कुछ खबरों में अलग-अलग सजाओं को जोड़कर 28 साल बताया गया है। सजाएं साथ चलने के कारण इस जोड़ को प्रभावी जेल अवधि नहीं कहा जाना चाहिए। जुर्माने की राशि पर खबरों में अंतर है, इसलिए वह यहां नहीं दी गई। देखी गई सामग्री में हस्ताक्षरित फैसला तथा दोषी की प्रतिक्रिया या अपील उपलब्ध नहीं थी।
