पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा योजना के लाभ मिलने में देरी और अन्य परेशानियों की शिकायत कर रही महिलाएं 2 अक्टूबर को नए खुले सेवा सेतु शिविरों में जुटीं। न्यू अलीपुर और राजारहाट की रिपोर्टों में आवेदन तथा भुगतान की स्थिति पर स्पष्ट जवाब मांगे जाने का उल्लेख है। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने कई अन्य जिलों में भी प्रदर्शनों की खबर दी।

तीन दिन का यह अभियान लोगों को सरकारी योजनाओं तक पहुंचने और लंबित या अस्वीकृत आवेदनों की समस्याएं समझने में मदद के लिए शुरू किया गया है। पहले दिन कुछ आवेदकों की अपेक्षाओं और अलग-अलग काउंटरों पर उपलब्ध सेवाओं के बीच अंतर सामने आया। पुलिस ने द टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि न्यू अलीपुर में अधिकारियों ने शुरुआत में नए अन्नपूर्णा आवेदन स्वीकार नहीं किए जाने की बात कही, जिसके बाद विरोध बढ़ा।

राजारहाट के खंड विकास अधिकारी सुदीप्त बिस्वास ने कहा कि एक शिविर में व्यवधान के बाद पुलिस को लिखित शिकायत दी गई और स्थिति सामान्य होने पर सेवाएं फिर शुरू हो गईं। पुलिस ने वहां दो लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी। नुकसान पहुंचाने के आरोपों को प्रदर्शनकारियों की भुगतान संबंधी शिकायतों से अलग देखा जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि सरकारी नियमों के अनुसार आवेदन करने वाली महिलाओं को भत्ता मिलेगा। जिन रिपोर्टों की समीक्षा की गई, उनमें राज्यभर के ऐसे पात्र आवेदकों की स्वतंत्र रूप से सत्यापित कुल संख्या नहीं दी गई है जिन्हें भुगतान मिलना बाकी है। सभी लंबित मामलों के निपटारे की कोई निश्चित तारीख भी सामने नहीं आई है।