हरियाणा पुलिस ने एक अक्टूबर को एक टेलीकॉम बिक्री एजेंट की गिरफ्तारी की जानकारी दी। उस पर साइबर ठगी के संदिग्धों को सिम कार्ड देने का आरोप है। यूएनआई और हिन्दुस्तान की गुरुग्राम रिपोर्ट के अनुसार विनय शर्मा को 30 सितंबर को कानपुर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का आरोप है कि ग्राहकों की सहमति के बिना उनके पहचान सत्यापन दस्तावेजों से अतिरिक्त कनेक्शन चालू किए गए।
जांच गुरुग्राम के एक कारोबारी की शिकायत से शुरू हुई। उन्होंने मूंगफली की आपूर्ति के लिए 1.71 लाख रुपये देने और माल न मिलने का आरोप लगाया था। जांचकर्ताओं के अनुसार उस लेनदेन में इस्तेमाल मोबाइल नंबर से एजेंट का पता चला। पुलिस ने करीब 50 सिम कार्ड देने और बदले में लगभग एक लाख रुपये मिलने का आरोप लगाया है।
ये आंकड़े और भूमिका का विवरण पुलिस के दावे हैं, अदालत के निष्कर्ष नहीं। अन्य लोगों और आपूर्ति नेटवर्क की जांच जारी है। देखी गई रिपोर्टों में शर्मा का जवाब या रिमांड का पक्का निर्णय नहीं था। जनवरी के लेनदेन और सितंबर की गिरफ्तारी को गुरुवार का नया खुलासा बताते समय अलग रखना जरूरी है।
