पांच अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्टों में दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में हेरोइन की कथित आपूर्ति और निर्माण से जुड़े मामले की दिल्ली पुलिस की जांच का ब्योरा दिया गया। द ट्रिब्यून, एनडीटीवी और आज तक ने पूरी कार्रवाई में चार गिरफ्तारियों और कुल 7.076 किलोग्राम हेरोइन की बरामदगी की खबर दी। यह कई कार्रवाइयों का कुल आंकड़ा है, अकेले लखनऊ में मिली मात्रा नहीं।
द ट्रिब्यून और एनडीटीवी के अनुसार, लखनऊ में चार अक्टूबर को छापा मारा गया था। पुलिस का कहना है कि रोहिणी जिले के स्पेशल स्टाफ ने जानकीपुरम इलाके में हेरोइन बनाने के कथित ठिकाने से बाबलू नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया और 6.275 किलोग्राम हेरोइन बरामद की। वहां कथित तौर पर इस्तेमाल हो रही सामग्री और उपकरण भी जब्त किए जाने की जानकारी दी गई।
दोनों रिपोर्टों के मुताबिक, जांच 16 सितंबर को दिल्ली के बेगमपुर इलाके में एक वाहन रोके जाने से शुरू हुई थी। पुलिस ने बताया कि लक्ष्मण हुड्डा को गिरफ्तार कर 300 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। इसके बाद 17 सितंबर को अनिल उर्फ भोला की गिरफ्तारी हुई और 501 ग्राम हेरोइन मिलने की बात कही गई। ये पहले की दो बरामदगियां घोषित कुल मात्रा का बाकी हिस्सा हैं।
पुलिस ने बाद में रुकसार अली उर्फ राजू को बरेली से गिरफ्तार किया। आरोप है कि वह लखनऊ के ठिकाने से जुड़ा प्रमुख सप्लायर था। रिपोर्टों में उसकी गिरफ्तारी की सटीक तारीख नहीं दी गई है। जांचकर्ताओं ने कहा कि वे वित्तीय लेनदेन, जब्त सामग्री के स्रोत और इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगा रहे हैं।
पुलिस ने बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 50 करोड़ रुपये बताई है। यह समाचार रिपोर्टों में दिया गया सरकारी अनुमान है, स्वतंत्र रूप से सत्यापित बिक्री-मूल्य नहीं। देखी गई सामग्री में मूल जब्ती दस्तावेज, प्रयोगशाला की रिपोर्ट या आरोपियों का पक्ष उपलब्ध नहीं था। गिरफ्तारी और पुलिस के आरोपों से दोष सिद्ध नहीं होता। इस खबर में अक्टूबर की छापेमारी और उसके खुलासे को सितंबर की गिरफ्तारियों से अलग रखा गया है।
