गांदरबल की अतिरिक्त सत्र अदालत ने 30 सितंबर को मोहम्मद यूसुफ खांडे की 2018 की मृत्यु के मामले में मोहम्मद शफी मागरे को हत्या, चोरी और साक्ष्य छिपाने का दोषी ठहराया। अपहरण के अलग आरोप से उसे बरी किया गया। कश्मीर इमेजेज और जेके मीडिया में प्रकाशित विस्तृत अदालती रिपोर्ट ने इन अलग-अलग निष्कर्षों की जानकारी दी।

न्यायाधीश फौजिया पॉल ने वित्तीय दस्तावेजों, मृतक के बैंक कार्ड के इस्तेमाल और बरामदगी समेत परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर भरोसा किया। अदालत ने माना कि स्वीकार्य साक्ष्यों को एक साथ देखने पर हत्या का मामला साबित होता है। उसने जांच के हर पहलू को भरोसेमंद नहीं माना।

अपहरण का आरोप इसलिए साबित नहीं हुआ क्योंकि अभियोजन बल प्रयोग या छल से साथ ले जाने के आवश्यक तत्व स्थापित नहीं कर सका। इस तरह अदालत ने एक ही जांच के सभी आरोप स्वीकार करने के बजाय अलग-अलग अपराधों पर अलग निष्कर्ष दिए।

मागरे न्यायिक हिरासत में है। कश्मीर इमेजेज के अनुसार, सजा पर बहस के लिए 15 अक्टूबर तय किया गया। अभी दंड निर्धारित नहीं हुआ है; अलग सुनवाई में दोनों पक्ष उचित सजा से संबंधित सामग्री रख सकेंगे।