भुवनेश्वर पुलिस ने 3 अक्टूबर को बताया कि ऑनलाइन ठगी करने वालों को कथित तौर पर बैंक खाते मुहैया कराने की जांच में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। द टाइम्स ऑफ इंडिया ने उसी दिन पुलिस का विवरण प्रकाशित किया। जांच एक निवासी की शिकायत से शुरू हुई, जिसमें सोशल मीडिया के जरिए संपर्क के बाद कथित निवेश योजना में 91.9 लाख रुपये गंवाने की बात कही गई थी।
प्रगतिवादी की 3 अक्टूबर की रिपोर्ट ने शहर के साइबर अपराध और आर्थिक अपराध पुलिस थाने के हवाले से दो गिरफ्तारियां 29 सितंबर और दो गिरफ्तारियां 2 अक्टूबर को होने की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार आठ मोबाइल फोन और डिजिटल लेनदेन के रिकॉर्ड जब्त किए गए। उसका आरोप है कि दूसरों के नाम पर खोले गए खाते कमीशन के बदले ठगी करने वालों को दिए जाते थे।
जांचकर्ता फोन तक दूर से पहुंच बनाने वाले ऐप, क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान और ओडिशा के बाहर संपर्कों के कथित इस्तेमाल की जांच कर रहे हैं। विदेशी संपर्कों की बात फिलहाल पुलिस का आरोप है; देखी गई खबरों से उसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती। चार गिरफ्तारियों का अर्थ दोषसिद्धि नहीं है। पुलिस ने भुगतान के बदले बैंक खातों का नियंत्रण दूसरों को देने से भी सावधान किया।
