पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक दिन पहले बीएसएफ की गोलीबारी में दो लोगों की मौत के विरोध में 3 अक्टूबर को भारतीय मिशन के प्रभारी राजनयिक को तलब किया। उसके विदेश मंत्रालय ने कहा कि बैठक में बेदियां सेक्टर की घटना पर विरोध दर्ज कराया गया और जांच की मांग की गई। यह 2 अक्टूबर की गोलीबारी के बाद नया राजनयिक कदम है।
पाकिस्तानी मंत्रालय ने मृतकों को निहत्थे नागरिक बताया और उन्हें घुसपैठिया कहे जाने का विरोध किया। उसने भारत से पारदर्शी जांच, जिम्मेदार पाए जाने वालों पर कार्रवाई और निष्कर्ष साझा करने को कहा। दूसरी ओर, आकाशवाणी ने 2 अक्टूबर को बीएसएफ सूत्रों के हवाले से कहा था कि दोनों भारतीय क्षेत्र में आ गए थे और चेतावनी के बावजूद आगे बढ़ते रहे। ये अलग-अलग आधिकारिक दावे हैं; इनसे मृतकों के इरादों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती।
रॉयटर्स ने भी 3 अक्टूबर को राजनयिक को तलब किए जाने की खबर दी। समाचार एजेंसी के अनुसार, भारतीय विदेश मंत्रालय और बीएसएफ ने टिप्पणी के उसके अनुरोधों का तत्काल जवाब नहीं दिया था। नए बयान से गोलीबारी की परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हुई हैं, न ही इससे जांच शुरू होने की पुष्टि होती है।
