ओडिशा ने 2 अक्टूबर को ग्राम पंचायतों को बाल श्रम से मुक्त करने के लिए 44 दिन का अभियान शुरू किया। टाइम्स ऑफ इंडिया और आईएएनएस ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के संदेश तथा राज्यव्यापी जागरूकता अभियान की खबर दी।

कार्यक्रम का उद्देश्य बाल श्रम की पहचान और रोकथाम, शिक्षा तक पहुंच तथा बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, शुक्रवार को विशेष ग्राम सभाएं और गांवों में जागरूकता गतिविधियां हुईं।

अभियान 14 नवंबर तक चलना है। ओडिशाबाइट्स की 1 अक्टूबर की तैयारी संबंधी रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल पढ़ाई से दूर बच्चों की पहचान करेंगे, रिकॉर्ड जांचेंगे और परिवारों से मिलेंगे। बाल श्रम के संदिग्ध मामले श्रम अधिकारियों को भेजे जाएंगे। ये आगे की योजनाएं हैं; इन्हें पहले से पूरे हुए बचाव कार्य नहीं माना जाना चाहिए।

आईएएनएस ने बताया कि राज्य में पिछला अलग बाल श्रम सर्वेक्षण 1997 में हुआ था। उस समय की संख्या आज काम कर रहे बच्चों की संख्या नहीं बताती। अभियान की शुरुआत कार्रवाई की रूपरेखा है। उसका असर समझने के लिए पहचान, स्कूल वापसी और पुनर्वास के वर्तमान नतीजे जरूरी होंगे।