अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव और छात्रावास से हिरासत में लिए गए एक युवक की रिहाई की मांग को लेकर बंद किए गए कई प्रवेश द्वार चार अक्टूबर की तड़के खुलवाए गए। दैनिक जागरण ने रात की कार्रवाई का विवरण दिया। पीटीआई ने हिरासत में लिए गए लोगों और जारी चुनाव आंदोलन पर विश्वविद्यालय का पक्ष प्रकाशित किया।

जागरण के अनुसार प्रॉक्टोरियल टीम ने रात करीब ढाई बजे बाब-ए-सैयद, मेडिकल रोड और अन्य द्वारों पर प्रदर्शनकारियों के लगाए ताले तोड़े। चार अक्टूबर को सुबह 9:49 बजे भारतीय समयानुसार अपडेट की गई उसकी रिपोर्ट में सेंटेनरी गेट उस समय भी बंद बताया गया। बाद की पीटीआई रिपोर्ट में कहा गया कि बंद द्वार रविवार तड़के खोल दिए गए, लेकिन सेंटेनरी गेट का अलग विवरण नहीं दिया गया। इसलिए सभी द्वारों से आवाजाही बहाल होने का सटीक समय स्पष्ट नहीं है।

इससे पहले शनिवार शाम एमएम हॉल में कार्रवाई हुई थी। एनडीटीवी इंडिया और जागरण ने बताया कि चार लोगों को जांच के लिए ले जाया गया और उनमें से तीन नियमित छात्रों को छोड़ दिया गया। रिपोर्टों में आरिज खान बताए गए चौथे युवक को बाद में जेल भेज दिया गया, ऐसा प्रॉक्टर ने पीटीआई को बताया। संबंधित हिरासत आदेश स्वतंत्र रूप से उपलब्ध नहीं हो सका। क्षेत्राधिकारी सर्वम सिंह ने एनडीटीवी को बताया कि परिसर की एक पूर्व घटना से जुड़े दो मुकदमों के पुलिस रिकॉर्ड में उसका नाम सामने आया था। किसी अदालत ने उसे दोषी ठहराया हो, ऐसी जानकारी नहीं दी गई।

छात्रों ने आरिज की रिहाई की मांग की और उसे बाहरी व्यक्ति बताए जाने का विरोध किया। प्रॉक्टर मोहम्मद नवेद खान ने एनडीटीवी से कहा कि उसके वर्तमान छात्र होने का कोई दस्तावेज पेश नहीं किया गया। पीटीआई से उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने आंदोलन तोड़ने के लिए पुलिस कार्रवाई नहीं कराई। हालांकि एनडीटीवी और जागरण की रिपोर्टों में पुलिस के साथ प्रॉक्टोरियल टीम के जाने का उल्लेख है। इन विवरणों से कार्रवाई शुरू कराने वाले पक्ष का निर्णायक पता नहीं चलता।

छात्रसंघ चुनाव के लिए आंदोलन 21 सितंबर से चल रहा है। निलंबित परास्नातक छात्र यासिर फहद भूख हड़ताल पर हैं। प्रदर्शनकारियों के अनुसार लगभग आठ साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं। चंद्रशेखर आजाद ने उनकी मांग का समर्थन करते हुए अनशनकारियों को चिकित्सा सुविधा और चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की। समीक्षा की गई रिपोर्टों में चुनाव की तारीख घोषित नहीं की गई है।